भारतीय मूल के नेताओं का जलवा
ब्रिटेन के चुनाव नतीजों का जश्न लंदन से 6,693 किलोमीटर दूर भारत में भी मनाया जा रहा है। इसकी वजह रही भारतीय मूल के उम्मीदवारों की बंपर जीत। 650 सीटों पर हुए चुनावों में करीब 60 से अधिक भारतीय मूल के उम्मीदवार भी शामिल हुए थे।
जिनमें से करीब 12 उम्मीदवारों ने जीत हासिल की। पिछले चुनाव में जितने भी कंजरवेटिव पार्टी के सांसद पार्टी को इस चुनाव के बाद मिल गए है।
गगन मोहिन्द्रा और क्लेयर क्यूटिन्हों को मैदान में उतारा था। विजेता पार्टी के अलावा बाकी दलों, लेबर पार्टी ने 13, अति दक्षिणपंथी बेक्जिट पार्टी के 12, लिबरल डेमोक्रेटस के8, यूकेआईपी से 2, ग्रीन पार्टी से एक और दो निर्दलीय प्रत्याशी चुनाव में थें।
गगन मोहिन्द्रा और क्लेयर क्यूटिन्हों को मैदान में उतारा था। विजेता पार्टी के अलावा बाकी दलों, लेबर पार्टी ने 13, अति दक्षिणपंथी बेक्जिट पार्टी के 12, लिबरल डेमोक्रेटस के8, यूकेआईपी से 2, ग्रीन पार्टी से एक और दो निर्दलीय प्रत्याशी चुनाव में थें।
भारतीय मूल की क्यूटिंहो ने कहा अब ब्रेक्जिट का वक्त आ गया है। जिसके बाद स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, पुलिस पर निवेश किया जा सकेगा। बोरिस जॉनसन की कैबिनेट का हिस्सा रही और ब्रिटेन की गृह सचिव रही प्रीति पटेल को भी जीत हासिल हुई है।
इसके अलावा इंफोसिस के सह संस्थापक नारायण मूर्ति के दमाद ऋषि सुनक को भी आसान जीत मिली है। ब्रिटेन के पूर्व अंतर्राष्टीªय विकास मंत्री रहे आलोक शर्मा को भी रिडिंग वेस्ट से जी मिली है।
ये कयास लगाए जा रहे है कि ये लोग इस बार भी जॉनसन कैबिनेट का हिस्सा होगे। इसके साथ शैलेज वारा को उत्तर पश्चिम कैब्रिजशायर सीट से बहुत बड़े अंतर से जीत मिली है। तो वही गोवा मूल की स्वेला ब्रावरमैन को भी फिर से जीत हासिल हुई है।
इसके अलावा इंफोसिस के सह संस्थापक नारायण मूर्ति के दमाद ऋषि सुनक को भी आसान जीत मिली है। ब्रिटेन के पूर्व अंतर्राष्टीªय विकास मंत्री रहे आलोक शर्मा को भी रिडिंग वेस्ट से जी मिली है।
ये कयास लगाए जा रहे है कि ये लोग इस बार भी जॉनसन कैबिनेट का हिस्सा होगे। इसके साथ शैलेज वारा को उत्तर पश्चिम कैब्रिजशायर सीट से बहुत बड़े अंतर से जीत मिली है। तो वही गोवा मूल की स्वेला ब्रावरमैन को भी फिर से जीत हासिल हुई है।



