अमेरिका में भोजन की बर्बादी !
अमेेरिका दुनिया में सबसे ज्यादा भोजन बर्बाद करने वाले देशों में शामिल है जहां उपभोक्ता प्रत्येक दिन औसतन 454 ग्राम भोजन प्रति व्यक्ति भोजन बर्बाद करता है। इतने भोजन में किसी जरूरतमंद व्यक्ति का पेट भर सकता है।
यूरोप भी पीछे नही: 8.8 टन करोड़ भोजन यूरोप में बर्बाद होता है। जिसकी कीमत 17.7 करोड़ है। अकेला ब्रिटेन एक साल में 19.7 अरब डॉलर का भोजन बर्बाद करता है। इसमें 30 लाख गिलास दूध भी शामिल है।
बर्बादी की कीमत: संयुक्त राष्ट के खाद्य कार्यक्रम का कहना है कि दुनिया के अमीर देश हर साल 750 अरब डॉलर का भोजन बर्बाद करते है जबकि दुनिया की भूख को मिटाने के लिए इसकी आधी रकम ही काफी है।
बर्बादी की कीमत: संयुक्त राष्ट के खाद्य कार्यक्रम का कहना है कि दुनिया के अमीर देश हर साल 750 अरब डॉलर का भोजन बर्बाद करते है जबकि दुनिया की भूख को मिटाने के लिए इसकी आधी रकम ही काफी है।
एक टिलियन डॉलर: पूरी दुनिया में एक तिहाई भोजन को कचरे के डिब्बे में डाल दिया जाता है जो सालाना लगभग 1.3 अरब टन होता है। इस तरह दुनिया एक साल में लगभग एक ट्रिलियन डॉलर का भोजन बर्बाद करती है।
फल और सब्जियों की बर्बादी: अगर हम इसी तरह से भोजन को बर्बाद करते रहे तो 2030 तक दुनिया सालाना 2.1 अरब टन भोजन की बर्बादी करे। संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक दुनिया भर में पैदा होने वाली सब्जियों और फलों में से लगभग आधी बर्बाद हो जाती हैं।
82.1 करोड़ भूखे लोग: 2017 में दुनिया में भूखे लोगों की संख्या 82.1 करोड़ थी। ऐसे में भोजन की बर्बादी को रोककर 82.2 करोड़ भूखे लोगो को भरपेट भोजन मिल सकता है।
बर्बादी और उत्पादन: अनुमान है कि अमीर देशों में उपभोक्ता हर साल 22.2 करोड़ टन खाना बर्बाद करते है जबकि अफ्रिका के उप सहारा इलाके में पूरा खाद्य उत्पादन ही 23 करोड़ टन है।
कहां होती है बर्बादी: विकसित देशों में खाने की 40 फीसदी बर्बादी फसल की कटाई के बाद या फिर प्रोसेसिंग के दौरान होती है। वही विकसित देशों में 40 फीसदी खाना सुपरमार्केेटों या उपभोक्ता के स्तर पर बर्बाद होता है।
बर्बादी रोकिए: कुल मिलाकर खाने की बर्बादी को रोकने की बेहद जरूरत है। ये सभी आंकड़े संयुक्त राष्ट्र के खाद्य कार्यक्रम यूरोपीय संसदए वेरमोंट यूनिवर्सिटी रैप और बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप से लिए गए हैं।

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